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दिल्ली कॉलेज प्रिंसिपल पर यौन शोषण का आरोप, 17 छात्राओं ने किया खुलासा

दिल्ली कॉलेज प्रिंसिपल पर यौन शोषण का आरोप, 17 छात्राओं ने किया खुलासा

दिल्ली कॉलेज प्रिंसिपल पर यौन शोषण का आरोप, 17 छात्राओं ने किया खुलासा” यह खबर राजधानी में कॉलेज परिसर की सुरक्षा और छात्राओं की गरिमा पर गंभीर सवाल उठाती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज के प्रिंसिपल पर 17 छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने बार-बार अनुचित व्यवहार किया और कॉलेज स्टाफ ने भी समय पर कदम नहीं उठाया।

मामला कैसे सामने आया

छात्राओं का कहना है कि प्रिंसिपल ने कई बार अनुचित मैसेज भेजे और निजी मुलाकात के बहाने बुलाया। कुछ फैकल्टी सदस्यों पर यह आरोप भी है कि उन्होंने शिकायत को अनदेखा करने की सलाह दी। शिकायतें बढ़ने पर छात्राओं ने सामूहिक रूप से कॉलेज प्रबंधन और पुलिस से संपर्क किया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए एक आंतरिक समिति गठित की है। दिल्ली पुलिस ने भी प्रारंभिक एफआईआर दर्ज कर ली है और बयान दर्ज किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की सक्रिय भूमिका जरूरी होती है।

कानून और अधिकार

भारत में यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए POSH Act 2013 लागू है। यह कानून कॉलेजों और कार्यस्थलों को आंतरिक शिकायत समिति बनाने और हर शिकायत पर तय समय में कार्रवाई करने के लिए बाध्य करता है।

मुख्य आरोप

छात्राओं ने कहा कि प्रिंसिपल लगातार अशोभनीय मैसेज भेजते थे।

कुछ मौकों पर उन्होंने अनुचित छूने की कोशिश की।

फैकल्टी के कुछ लोग शिकायत न करने की सलाह देते रहे।

छात्रों की मांग

प्रिंसिपल को तुरंत निलंबित कर निष्पक्ष जांच हो।

सभी कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था और काउंसलिंग सिस्टम मजबूत किया जाए।

दोषी पाए जाने पर सख्त सजा दी जाए।

त्वरित तथ्य
बिंदु विवरण
आरोपित दिल्ली के एक नामी कॉलेज के प्रिंसिपल
शिकायतकर्ता 17 छात्राएं
मुख्य कानून POSH Act 2013
वर्तमान स्थिति पुलिस जांच और आंतरिक समिति का गठन
समाज में असर

यह घटना याद दिलाती है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में भी छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना जरूरी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कॉलेजों को नियमित जागरूकता कार्यक्रम और सुरक्षित रिपोर्टिंग सिस्टम लागू करने चाहिए।

मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर लोग छात्राओं के समर्थन में आगे आए हैं। हैशटैग के ज़रिये न्याय की मांग की जा रही है। कई पूर्व छात्र और शिक्षाविद संस्थानों में कड़ी निगरानी और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

अगले कदम

पुलिस जांच और अदालत की सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय आएगा। फिलहाल कॉलेज प्रशासन पर दबाव है कि वह पारदर्शी तरीके से पूरी जानकारी साझा करे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्र.1: “दिल्ली कॉलेज प्रिंसिपल पर यौन शोषण का आरोप, 17 छात्राओं ने किया खुलासा” का अर्थ क्या है?
इसका मतलब है कि दिल्ली के एक कॉलेज के प्रिंसिपल पर 17 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं और यह मामला अब जांच के अधीन है।

प्र.2: POSH Act 2013 क्या है?
यह कानून कार्यस्थल और शैक्षणिक संस्थानों में यौन उत्पीड़न रोकने के लिए बनाया गया है, जिसमें हर संस्था को आंतरिक शिकायत समिति बनानी अनिवार्य है।

प्र.3: छात्राएं न्याय कैसे पा सकती हैं?
वे पुलिस में शिकायत दर्ज कर सकती हैं, आंतरिक शिकायत समिति में आवेदन दे सकती हैं और आवश्यकता होने पर अदालत का दरवाजा खटखटा सकती हैं।

प्र.4: कॉलेजों को क्या कदम उठाने चाहिए?
नियमित संवेदनशीलता प्रशिक्षण, सीसीटीवी, सुरक्षित रिपोर्टिंग तंत्र और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई।

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