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पहलगाम अमरनाथ यात्रा ट्रैवल गाइड

पहलगाम अमरनाथ यात्रा

अमरनाथ यात्रा 2025: तिथि, रजिस्ट्रेशन और जरूरी जानकारी

अमरनाथ यात्रा 2025 का आयोजन 3 जुलाई से 9 अगस्त तक किया जाएगा। इस पवित्र यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, जो यात्रा शुरू होने से पहले ही करा लेना चाहिए क्योंकि अधिक भीड़ के कारण रजिस्ट्रेशन जल्दी बंद हो सकता है। हर दिन सीमित यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति मिलती है, इसलिए समय रहते पंजीकरण कराएं।

पहलगाम मार्ग: यात्रा का पारंपरिक और लोकप्रिय रास्ता

  • पहलगाम अमरनाथ यात्रा का मुख्य बेस कैंप है, जो श्रीनगर से लगभग 96 किमी दूर है।
  • पहलगाम से अमरनाथ गुफा की कुल दूरी लगभग 46-48 किमी है।
  • यह मार्ग प्राकृतिक सुंदरता, लिद्दर नदी, घने जंगल और हिमालय की चोटियों के बीच से होकर गुजरता है।

यात्रा का मुख्य ट्रैक और पड़ाव

  1. पहलगाम से चंदनवारी: 16 किमी की दूरी, जिसे मिनी बस या टैक्सी से तय किया जा सकता है।
  2. चंदनवारी से पिस्सू टॉप: 3 किमी की चढ़ाई।
  3. पिस्सू टॉप से शेषनाग: 9 किमी का कठिन ट्रैक।
  4. शेषनाग से पंचतरणी: 14 किमी, जहां कैंपिंग और विश्राम की व्यवस्था होती है।
  5. पंचतरणी से अमरनाथ गुफा: अंतिम 6 किमी की यात्रा, जो सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक पड़ाव है।

यात्रा का कुल समय और व्यवस्थाएँ

  • पहलगाम मार्ग से यात्रा पूरी करने में आमतौर पर 4 से 5 दिन लगते हैं।
  • हर पड़ाव पर बेस कैंप, हॉस्पिटल, पेयजल, टॉयलेट्स और लंगर की व्यवस्था होती है।
  • शेषनाग और पंचतरणी में रुकने के लिए प्रति यात्री 480-650 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है।

हेलीकॉप्टर सेवा

  • पहलगाम से पंजतरणी तक हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है।
  • पंजतरणी से अमरनाथ गुफा तक 6 किमी का रास्ता पैदल, टट्टू या पालकी से तय किया जा सकता है।
  • हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट से की जा सकती है।

रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज

  • यात्रा के लिए पंजीकरण और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जरूरी है।
  • पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से किया जा सकता है।
  • चंदनवारी चेक पोस्ट पर आरएफआईडी कार्ड और परमिट दिखाना अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण सुझाव

  • यात्रा के दौरान मौसम बदल सकता है, इसलिए गर्म कपड़े, रेनकोट, दवाइयाँ और जरूरी सामान साथ रखें।
  • ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, इसलिए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
  • यात्रा के सभी नियमों और समय-सारणी का पालन करें ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और सुखद रहे।

निष्कर्ष

पहलगाम मार्ग से अमरनाथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी एक अविस्मरणीय अनुभव है। समय पर रजिस्ट्रेशन, उचित तैयारी और नियमों का पालन करके आप इस पवित्र यात्रा का पूरा आनंद ले सकते हैं।

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