उत्तर प्रदेश सरकार लगातार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाएं शुरू कर रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक है *मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, जिसके तहत राज्य के युवाओं को अब **10 लाख रुपये तक का लोन* दिया जाएगा ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का एक बड़ा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना क्या है?
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना (Mukhyamantri Gramodyog Rojgar Yojana) उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे *खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग* के माध्यम से लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है ताकि गांव के युवाओं को रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। इस योजना के तहत युवाओं को उद्योग लगाने के लिए वित्तीय सहायता और लोन उपलब्ध कराया जाता है।
इस योजना में कितनी राशि का लोन मिलेगा?
इस योजना के तहत इच्छुक लाभार्थियों को अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन दिया जाता है। यह लोन किसी भी लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, हैंडीक्राफ्ट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट या सर्विस सेक्टर के कामों के लिए लिया जा सकता है।सबसे खास बात यह है कि सरकार इसमें मार्जिन मनी सब्सिडी (अनुदान) भी देती है, जिससे उद्यमी पर लोन का बोझ काफी कम हो जाता है।
लोन की शर्तें और सब्सिडी की जानकारी|
श्रेणी लोन सीमा सब्सिडी प्रतिशत अधिकतम अनुदान राशि
सामान्य श्रेणी ₹10 लाख तक 25% ₹2.5 लाख
अनुसूचित जाति/जनजाति/महिला/दिव्यांग ₹10 लाख तक 35% ₹3.5 लाख
इसका मतलब यह है कि यदि कोई युवक ₹10 लाख का लोन लेता है तो उसे ₹2.5 से ₹3.5 लाख तक का अनुदान सरकार की ओर से मिल सकता है।
कौन आवेदन कर सकता है
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत आवेदन के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं:
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- उम्र *18 वर्ष से 50 वर्ष* के बीच होनी चाहिए।
- आवेदक कम से कम *हाईस्कूल (10वीं)* पास हो।
- आवेदक किसी सरकारी या निजी नौकरी में न हो।
- आवेदक ने पहले इसी योजना के तहत लोन न लिया हो।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना में आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा बनी रहती है।
नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करके कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है:
- सबसे पहले योजना की ऑफिशियल वेबसाइट [www.upkvib.gov.in] पर जाएं।
- मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना विकल्प पर क्लिक करें।
- आवेदन फॉर्म में नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, परियोजना विवरण और बैंक विवरण भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ जैसे पहचान पत्र, निवास प्रमाण, पासपोर्ट साइज फोटो और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपलोड करें।
- सबमिट करने के बाद आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।
लोन मिलने की प्रक्रिया
आवेदन की जांच के बाद संबंधित जिला समिति द्वारा चयनित उम्मीदवारों को बैंक के माध्यम से लोन प्रदान किया जाता है।
लोन मिलने के बाद लाभार्थी को अपना उद्योग 3 महीनों के भीतर शुरू करना अनिवार्य होता है।
बैंक और ग्रामोद्योग विभाग समय-समय पर परियोजना की निगरानी करते हैं ताकि पैसा सही उद्देश्य में लगाया जाए।
कौन-कौन से उद्योग लगाए जा सकते हैं?
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत किसी भी प्रकार के लघु उद्योग शुरू किए जा सकते हैं, जैसे–
फूड प्रोसेसिंग यूनिट (जैसे मसाला, पापड़, अचार आदि)
हैंडीक्राफ्ट व हस्तशिल्प व्यवसाय
कपड़ा या बुनाई उद्योग
मोबाइल रिपेयरिंग, वेल्डिंग, कारपेंट्री
डेयरी या पशुपालन यूनिट
ब्यूटी पार्लर, सिलाई केंद्र या सर्विस स्टेशन
इस योजना का युवाओं पर प्रभाव
इस योजना का सीधा लाभ ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के हजारों युवाओं को मिल रहा है।
2024-25 के वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने इसके लिए लगभग ₹350 करोड़ का बजट तय किया है।
पिछले वर्ष 18,000 से अधिक युवाओं को इस योजना के तहत लोन स्वीकृत किया गया था।
इससे न केवल स्वरोजगार बढ़ा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हुआ है।
सरकार का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य “*आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश*” की दिशा में कदम बढ़ाना है। सरकार चाहती है कि गांवों में रोजगार पैदा हो ताकि विकास का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे। इस योजना से महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है क्योंकि महिलाओं के लिए अधिक सब्सिडी दर रखी गई है।
लाभार्थियों के अनुभव
कई युवाओं ने इस योजना की मदद से अपने व्यवसाय की शुरुआत की है। कानपुर के सौरभ तिवारी ने ₹8 लाख लोन लेकर हनी प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की, जिससे अब वे महीने में ₹60,000 तक कमा रहे हैं। लखनऊ की रीता वर्मा ने महिला उद्यमी श्रेणी में ₹5 लाख लोन लेकर सिलाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया और अब 10 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है।
इस योजना से जुड़े मुख्य बिंदु
सरकार की तरफ से ₹10 लाख तक का लोन
25% से 35% तक सब्सिडी
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
ग्रामीण युवाओं के लिए विशेष लाभ
महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए प्राथमिकता
FQA (Frequently Asked Questions)
1. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत कितना लोन मिलता है?
इस योजना में ₹10 लाख तक का लोन दिया जाता है, जिस पर सरकार द्वारा 25% से 35% तक सब्सिडी दी जाती है।
2. आवेदन करने के लिए क्या योग्यता जरूरी है?
आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम हाईस्कूल पास होना अनिवार्य है।
3. क्या महिलाएँ भी इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
हाँ, महिलाओं के लिए योजना में विशेष प्रावधान है और उन्हें 35% तक अनुदान दिया जाता है।
4. आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन [www.upkvib.gov.in](http://www.upkvib.gov.in) पर जाकर किया जा सकता है।
5. क्या इस योजना में उद्योग चुनने की स्वतंत्रता है?*
हाँ, आवेदक किसी भी छोटे या कुटीर उद्योग को चुन सकता है।






