भारत में पेंशन को लेकर सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के बीच हमेशा जिज्ञासा रहती है कि आखिर 10 साल की नौकरी के बाद क्या मिलेगी पेंशन? जानिए सरकार के नए नियम — इस सवाल का जवाब आज हम आपको सरल भाषा में समझाएंगे।
सरकार ने पिछले कुछ सालों में पेंशन नियमों में कई बदलाव किए हैं ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा मिल सके। अब सवाल यह है कि क्या केवल 10 साल की सर्विस पूरी करने पर भी पेंशन का अधिकार बनता है या नहीं? चलिए विस्तार से जानते हैं।
सरकार का मकसद – हर कर्मचारी को आर्थिक सुरक्षा देना
सरकार का उद्देश्य है कि हर कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद एक स्थायी आय का साधन मिले। पहले पेंशन केवल स्थायी सरकारी कर्मचारियों को ही मिलती थी, लेकिन अब कई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनसे निजी क्षेत्र और असंगठित वर्ग के लोग भी लाभ उठा सकते हैं। इसी बीच यह सवाल चर्चा में है कि 10 साल की नौकरी के बाद क्या मिलेगी पेंशन?
पेंशन का मतलब क्या है (What is Pension)?
पेंशन एक ऐसी राशि होती है जो किसी व्यक्ति को उसकी नौकरी समाप्त होने के बाद नियमित रूप से दी जाती है। इसका उद्देश्य है कि बुजुर्गावस्था में व्यक्ति को आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
सरकार ने पेंशन को दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा है –
पुरानी पेंशन योजना (OPS)
नई पेंशन योजना (NPS)
10 साल की नौकरी के बाद पेंशन के नियम क्या कहते हैं
सरकारी नियमों के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी ने 10 वर्ष या उससे अधिक की नियमित सेवा पूरी की है, तो उसे पेंशन पाने का अधिकार मिल जाता है। यह नियम केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों के कर्मचारियों पर लागू होता है।
यदि किसी कर्मचारी की सेवा अवधि 10 वर्ष से कम है, तो उसे पेंशन का लाभ नहीं दिया जाता, लेकिन उसे ग्रेच्युटी (Gratuity) मिलती है।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत नियम
पुरानी पेंशन योजना 2004 से पहले नियुक्त सरकारी कर्मचारियों पर लागू होती है। इसके तहत: यदि किसी कर्मचारी ने 10 साल या उससे अधिक की सर्विस की है, तो उसे आजीवन पेंशन मिलती है। पेंशन की राशि उसकी अंतिम सैलरी के औसत पर तय होती है। पेंशन के अलावा परिवार को फैमिली पेंशन का भी अधिकार मिलता है।
नई पेंशन योजना (NPS) के तहत नियम
1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर नई पेंशन योजना (NPS) लागू होती है। इस योजना के तहत: कर्मचारी की सैलरी का 10% और सरकार की ओर से 14% राशि NPS अकाउंट में जमा की जाती है। रिटायरमेंट के बाद जमा राशि में से 60% निकाली जा सकती है और बाकी 40% से एन्युइटी प्लान लिया जाता है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है। अगर कर्मचारी ने 10 साल की सर्विस पूरी की है, तो वह NPS अकाउंट से पेंशन पाने का पात्र बनता है।
10 साल की सर्विस पर पेंशन कब मिलती है?
सेवा अवधि पेंशन पात्रता योजना प्रकार
10 साल या अधिक पात्र OPS / NPS
10 साल से कम पात्र नहीं केवल ग्रेच्युटी
मृत्यु के मामले में परिवार पात्र फैमिली पेंशन
इसका मतलब साफ है कि अगर आपने 10 साल या उससे ज्यादा की सरकारी सेवा की है, तो आप पेंशन के योग्य बन जाते हैं।
NPS से पेंशन कैसे मिलती है
नई पेंशन योजना में कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद दो विकल्प मिलते हैं –
- 60% राशि एकमुश्त निकालना (Lump Sum Withdrawal)
- 40% राशि से एन्युइटी प्लान खरीदना, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है।
यह पेंशन आपकी कुल जमा राशि और चुनी गई एन्युइटी कंपनी के आधार पर तय होती है।
ग्रेच्युटी बनाम पेंशन – फर्क क्या है?
पहलू ग्रेच्युटी पेंशन
भुगतान एकमुश्त राशि हर महीने
पात्रता 5 साल सर्विस 10 साल या अधिक सर्विस
योजना सभी कर्मचारियों को सरकारी/NPS कर्मचारियों को
उद्देश्य सेवा के लिए इनाम रिटायरमेंट के बाद आय
10 साल की नौकरी के बाद पेंशन किन्हें मिलेगी?
नए नियमों के अनुसार निम्नलिखित कर्मचारियों को पेंशन मिल सकती है:
केंद्र या राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी
NPS के तहत रजिस्टर्ड कर्मचारी
कुछ निजी संस्थानों में EPFO (Employees’ Pension Scheme) के सदस्य
ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 10 साल की नियमित सेवा पूरी की है और पेंशन योजना में योगदान दिया है।
निजी कर्मचारियों के लिए पेंशन नियम
निजी क्षेत्र में काम करने वालों के लिए EPFO (Employees Provident Fund Organisation) द्वारा EPS (Employees’ Pension Scheme) लागू है। इसमें भी पेंशन का लाभ तभी मिलता है जब कर्मचारी ने 10 साल की निरंतर सेवा पूरी की हो। रिटायरमेंट के बाद उन्हें हर महीने EPS के तहत तय पेंशन राशि मिलती है।
नए पेंशन नियम 2025 के मुख्य बिंदु
10 साल की सेवा के बाद पेंशन पात्रता बनी रहती है।
सरकार NPS योगदान में 10% से बढ़ाकर 14% तक दे रही है।
कर्मचारी चाहें तो एन्युइटी कंपनियों से पेंशन प्लान चुन सकते हैं।
60% राशि टैक्स फ्री निकाली जा सकती है।
परिवार को भी फैमिली पेंशन का अधिकार रहता है।
10 साल की नौकरी के बाद क्या करना चाहिए?
अगर आपने 10 साल या उससे अधिक की नौकरी पूरी कर ली है, तो निम्नलिखित चीजें सुनिश्चित करें:
आपका NPS या EPS अकाउंट सक्रिय हो।
आपके सभी KYC दस्तावेज अपडेट हों।
पेंशन फॉर्म या क्लेम फॉर्म* सही तरीके से भरा जाए।
रिटायरमेंट के 3 महीने पहले आवेदन करें ताकि भुगतान में देरी न हो।
पेंशन कैलकुलेशन कैसे होती है
पेंशन की राशि कई बातों पर निर्भर करती है| आपकी अंतिम वेतन या औसत वेतन
सेवा के वर्ष
योगदान राशि (NPS/EPF में जमा)
उदाहरण के लिए:
अगर आपकी अंतिम सैलरी ₹50,000 है और आपने 20 साल सर्विस की है, तो लगभग ₹25,000–₹30,000 तक मासिक पेंशन मिल सकती है (योजना पर निर्भर)।
सरकार की ओर से नई योजनाएं
सरकार समय-समय पर वरिष्ठ नागरिकों और रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए योजनाएं शुरू करती रहती है जैसे —
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
अटल पेंशन योजना (APY)
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)
इन योजनाओं का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को बुजुर्गावस्था में आर्थिक सहयोग मिले।
FQA (Frequently Asked Questions)
1. क्या 10 साल की नौकरी पूरी होने पर पेंशन मिलती है?
हाँ, सरकारी नियमों के अनुसार 10 साल या उससे अधिक की सर्विस पूरी करने वाले कर्मचारी पेंशन पाने के पात्र हैं।
2. क्या निजी कर्मचारियों को भी पेंशन मिलती है?
हाँ, यदि वे EPFO की EPS योजना में शामिल हैं और 10 साल की सर्विस पूरी कर चुके हैं।
3. नई पेंशन योजना (NPS) में पेंशन कैसे मिलती है?
NPS में 60% राशि रिटायरमेंट पर निकाली जा सकती है और 40% से एन्युइटी प्लान लेकर हर महीने पेंशन मिलती है।
4. क्या 10 साल से कम सर्विस वालों को पेंशन मिलेगी?
नहीं, उन्हें केवल ग्रेच्युटी या उनके योगदान की राशि वापस मिलती है।
5. क्या सरकार पेंशन में अपना योगदान देती है?
हाँ, NPS में सरकार कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 14% तक योगदान देती है।






