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21वीं किस्त के बाद किसानों को नई सौगात, फसल बीमा योजना में बड़ा सुधार

किसानों के लिए केंद्र सरकार लगातार नई-नई योजनाएं लाती रहती है और इन्हीं योजनाओं में से एक है “PMFBY: 21वीं किस्त के बाद किसानों को नई सौगात, फसल बीमा योजना में बड़ा सुधार”। हाल ही में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की गई और इसके तुरंत बाद सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में बड़े बदलाव का एलान किया। इस बदलाव का सीधा फायदा लाखों किसानों को मिलेगा। नए प्रावधानों को और सरल बनाया गया है ताकि किसान प्राकृतिक आपदा, फसल खराबी और आर्थिक जोखिमों से और अधिक सुरक्षित रह सकें। सरकार ने दावा किया है कि नई व्यवस्था से किसानों को ज्यादा कवर मिलेगा, क्लेम प्रक्रिया तेज होगी और बीमा लेने का दायरा बढ़ेगा।

पीएम फसल बीमा योजना क्या है

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यानी PMFBY किसानों की सुरक्षा के लिए बनाई गई एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें फसल को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का आर्थिक मुआवजा दिया जाता है। पहले किसानों को मौसम से जुड़े जोखिम, सूखा, बाढ़, कीट प्रकोप और फसल खराबी जैसी परिस्थितियों में बड़ी आर्थिक हानि उठानी पड़ती थी। PMFBY ने किसानों को इन समस्याओं से राहत दी है और अब सरकार ने इसमें सुधार कर इसे और बेहतर बना दिया है।

21वीं किस्त के बाद हुए बड़े बदलाव

सरकार द्वारा किए गए बदलाव किसानों के लिए सीधा लाभ देने वाले हैं। नए प्रावधानों के तहत किसानों की जरूरतों और ग्राउंड लेवल की समस्याओं को देखते हुए कई अपडेट किए गए हैं।

प्रमुख बदलाव

कम प्रीमियम में ज्यादा कवर

नुकसान की स्थिति में जल्दी क्लेम सेटलमेंट

डिजिटल सर्वे और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग

फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया और आसान

अधिक राज्यों और फसलों को योजना में शामिल करना

वन टाइम रजिस्ट्रेशन की सुविधा

शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया गया

इन बदलावों का मकसद किसानों को आर्थिक जोखिम से बचाना है और फसल खराबी की किसी भी स्थिति में उन्हें समय पर सहायता देना है।

किसानों को क्या मिलेगा फायदा

नई PMFBY व्यवस्था किसानों के लिए कई फायदे लेकर आई है।

क्लेम प्रक्रिया अब और तेज

पहले किसानों की सबसे बड़ी शिकायत होती थी कि फसल खराब होने के बाद मुआवजा मिलना देर से होता है। अब डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऐप बेस्ड सर्वे की वजह से क्लेम प्रोसेस पहले से कई गुना तेज होगा।

प्रीमियम में राहत

किसानों को अब भी सिर्फ 1.5% से 2% तक का प्रीमियम देना होगा। बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती हैं। नए बदलावों में यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रीमियम बढ़े नहीं और कवर बढ़ाया जाए।

ज्यादा फसलों को कवर

अब ज्यादा फसलों को बीमा का लाभ मिलेगा। सिर्फ खरीफ और रबी ही नहीं बल्कि कई बागवानी फसलें भी कवर की गई हैं।

प्राकृतिक आपदा में तुरंत सहायता

सूखा, बाढ़, तूफान, ओलावृष्टि और कीटों के हमले जैसी स्थितियों में किसानों को तुरंत आर्थिक मदद मिलेगी।

PMFBY के नए कवर की सूची

नीचे दी गई तालिका में सरकार द्वारा बताए गए प्रमुख कवर शामिल हैं।

कवर का प्रकार                                  विवरण

प्राकृतिक आपदाएं                 बाढ़, सूखा, तूफान, अत्यधिक बारिश

फसल खराबी                     रोग, कीट प्रकोप, पाला, अत्यधिक गर्मी

पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान             फसल कटाई के 14 दिनों तक नुकसान

बागवानी फसलें                     कई नई फसलें जोड़ी गईं

लोकल आपदाएं                    आग, बिजली गिरना, भूस्खलन

किसान कैसे करें लाभ प्राप्त

नई PMFBY प्रक्रिया को इतना सरल किया गया है कि किसान आसानी से आवेदन कर सकें।

आवेदन की प्रक्रिया

किसान अपने राज्य की PMFBY वेबसाइट या CSC सेंटर पर आवेदन कर सकते हैं

बैंक खाते को लिंक करके आसानी से प्रीमियम जमा कर सकते हैं

Aadhaar और भूमि रिकॉर्ड से वेरिफिकेशन तुरंत हो जाता है

दावा करने की प्रक्रिया

फसल नुकसान का तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करना

ऐप या पोर्टल पर फोटो अपलोड करना

डिजिटल सर्वे के बाद क्लेम सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा

PMFBY के बदलाव किसानों के लिए क्यों जरूरी

भारत में हर साल कहीं न कहीं बाढ़, सूखा या कीट प्रकोप जैसी घटनाएं होती हैं। ऐसे में किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। फसल खराब होने पर उनकी साल भर की मेहनत बेकार हो जाती है और आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। PMFBY में सुधार इसलिए किए गए हैं ताकि किसानों کو ज्यादा सुरक्षा मिले और खेती का जोखिम कम हो। नए बदलाव कृषि क्षेत्र को मजबूत करेंगे और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेंगे।

21वीं किस्त के बाद किसानों को दोहरा फायदा

21वीं किस्त मिलने से किसानों की जेब में सीधे पैसे पहुंचे हैं और फसल बीमा योजना के सुधार से उन्हें अपनी फसल के लिए सुरक्षा कवच भी मिलेगा। इस तरह किसान दोहरा फायदा उठाएंगे और खेती को लेकर सुरक्षित महसूस करेंगे।

नया सुधार कृषि क्षेत्र को कैसे बदलेगा

नई PMFBY व्यवस्था कृषि को तकनीक से जोड़ रही है। सैटेलाइट इमेजिंग, ड्रोन सर्वे और डिजिटल फील्ड रिपोर्ट से फसल का सही आकलन हो पाएगा, जिससे गलत रिपोर्टिंग और देरी की समस्या खत्म होगी। इससे किसानों का विश्वास बढ़ेगा और योजना की पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

निष्कर्ष

21वीं किस्त के बाद किसानों को नई सौगात, फसल बीमा योजना में बड़ा सुधार” किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने बदलाव करके योजना को पहले से काफी आसान और प्रभावी बना दिया है। अब किसानों को अधिक कवर, कम प्रीमियम और तेज क्लेम सुविधा मिलेगी। यह सुधार कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाएगा और किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।

FAQ

PMFBY क्या है

यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना है, जो फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक मदद देती है।

21वीं किस्त के बाद क्या नया बदलाव आया है

क्लेम प्रक्रिया तेज हुई है, डिजिटल सर्वे लागू किया गया है और अधिक फसलें कवर में जोड़ी गई हैं।

क्या प्रीमियम बढ़ाया गया है

नहीं, किसानों के लिए प्रीमियम वही रखा गया है।

क्लेम कितने दिनों में मिलेगा

डिजिटल प्रोसेस की वजह से पहले से काफी तेज क्लेम मिलेगा।

किन फसलों को अब कवर किया गया है

खरीफ, रबी और कई बागवानी फसलें शामिल हैं।

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